हाल ही में हुए NFHS-5 सर्वे के अनुसार बिहार में दो-तिहाई से अधिक महिलाएं एवं बच्चे एनमिया यानि खून कि कमी से ग्रसित है (महिलाएं-66%, बच्चे-69%)
एनीमिया कि रोकथाम के लिए तमाम योजनाओं को लागु करने के बाद भी पिछले सर्वे कि तुलना में इसका प्रतिशत बढ़ा है जो निश्चित ही चिंता का विषय है।
ऐनीमिया मातृ मृत्यु, बच्चों में शारीरिक एवं मानसिक विकास अवरुद्द होने का मुख्य कारणों में से एक है।
स्कूल एवं आंगनवाड़ी भ्रमण के दौरान हमने पाया कि Demand-Supply gap, communication gap, lack of awareness इत्यादि सरकार द्वारा चलाये जा रहे “एनीमिया मुक्त भारत” कार्यक्रम के सफलता में बाधक है
हमारा मुख्य उद्देश्य एनमिया के लिए स्क्रीनिंग करना, weekly IFA Prophylaxis के बारे में लोगों को जागरूक करना एवं इसके क्रियान्वयन में होने वाले बधाओं को दूर करना है।